तअल्लुक़ात की क़दर करना हमने सीखा था, मगर लोगों ने उसे हमारी कमज़ोरी समझ लिया। अब ख़ामोश रहते हैं अपने ही दायरे में, क्योंकि हर शख़्स को अपना समझना छोड़ दिया। 🖤

तअल्लुक़ात की क़दर करना हमने सीखा था, मगर लोगों ने उसे हमारी कमज़ोरी समझ लिया। अब ख़ामोश रहते हैं अपने ही दायरे में, क्योंकि हर शख़्स को अपना समझना छोड़ दिया। 🖤

👁 4👍 4💬 00