न शिकवा है, न कोई गिला है,
जो मिला मुक़द्दर का फ़ैसला है।
बस इतना सा हुनर सीख लिया है हमने,
दर्द में भी मुस्कुराना हौसला है। 🌙
न शिकवा है, न कोई गिला है, जो मिला मुक़द्दर का फ़ैसला है। बस इतना सा हुनर सीख लिया है हमने, दर्द में भी मुस्कुराना हौसला है। 🌙
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